PM Kisan Scheme Extension 2026: देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना के संचालन के लिए ₹3.15 लाख करोड़ के वित्तीय परिव्यय को भी स्वीकृति मिली है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य किसानों को नियमित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना, कृषि निवेश को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह राशि—
₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में
Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से
सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी और तब से यह केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में शामिल है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब योजना अगले पांच वर्षों तक जारी रहेगी। इससे पात्र किसानों को पहले की तरह नियमित वित्तीय सहायता मिलती रहेगी।
इस राशि का उपयोग किसान आमतौर पर—
बीज खरीदने,
खाद लेने,
सिंचाई संबंधी जरूरतों,
कृषि उपकरणों,
खेती से जुड़े अन्य खर्चों
के लिए कर सकते हैं।
सरकार द्वारा स्वीकृत ₹3.15 लाख करोड़ का बजट आगामी पांच वर्षों के दौरान योजना के संचालन और पात्र किसानों को किस्तों के भुगतान के लिए निर्धारित किया गया है।
इससे करोड़ों किसान परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना शुरू होने के बाद से अब तक—
23 किस्तें जारी की जा चुकी हैं।
किसानों के खातों में ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक राशि DBT के जरिए भेजी जा चुकी है।
23वीं किस्त में 9 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को हजारों करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई।
योजना के तहत महिला किसानों की भागीदारी भी लगातार बढ़ी है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार—
महिला लाभार्थियों को ₹1 लाख करोड़ से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।
योजना के लाभार्थियों में बड़ी संख्या महिला किसानों की भी है।
PM-KISAN योजना पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होती है।
इसके तहत—
आधार आधारित सत्यापन,
डिजिटल रिकॉर्ड,
Direct Benefit Transfer (DBT),
ऑनलाइन लाभार्थी सत्यापन
जैसी व्यवस्थाओं का उपयोग किया जाता है।
इससे पात्र किसानों तक सहायता राशि सीधे पहुंचती है और बिचौलियों की भूमिका काफी हद तक समाप्त होती है।
सरकारी मूल्यांकन के अनुसार, बड़ी संख्या में लाभार्थी किसानों ने बताया कि उन्हें मिलने वाली राशि का उपयोग खेती से जुड़े खर्चों में किया गया।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
खाद
बीज
कृषि निवेश
खेती की अन्य आवश्यकताएं
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि योजना से कई किसानों की साहूकारों पर निर्भरता कम हुई और कृषि गतिविधियों को सहारा मिला।
यदि आप PM-KISAN योजना के लाभार्थी हैं, तो अगली किस्त प्राप्त करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें—
e-KYC पूरी करें।
Land Seeding की स्थिति जांचें।
आधार और बैंक खाते की लिंकिंग सुनिश्चित करें।
DBT सुविधा सक्रिय रखें।
आधिकारिक पोर्टल पर अपना लाभार्थी स्टेटस समय-समय पर जांचते रहें।
PM-KISAN योजना को 2030-31 तक बढ़ाने और ₹3.15 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी मिलने से करोड़ों किसानों के लिए वित्तीय सहायता का सिलसिला जारी रहेगा। योजना के तहत पात्र किसानों को पहले की तरह हर वर्ष ₹6,000 की सहायता तीन किस्तों में मिलती रहेगी। यदि लाभार्थी अपनी e-KYC, भूमि सत्यापन और बैंक संबंधी जानकारी समय पर अपडेट रखते हैं, तो भविष्य की किस्तें बिना किसी रुकावट के उनके खाते में पहुंच सकती हैं।