इंटरनेट डेस्क। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान भारत को सिंधु जल संधि को स्थगित रखकर लाल रेखा पार करने की अनुमति नहीं देगा, समाचार एजेंसी पीटीआई ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया। ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में ग्लेशियरों के संरक्षण पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि भारत का कदम बेहद खेदजनक है। शरीफ ने कहा कि सिंधु बेसिन के पानी के बंटवारे को नियंत्रित करने वाली सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का भारत का एकतरफा और अवैध फैसला बेहद खेदजनक है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए लाखों लोगों की जान को बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए और पाकिस्तान इसकी अनुमति नहीं देगा। हम कभी भी लाल रेखा को पार नहीं होने देंगे। उनकी यह टिप्पणी पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर द्वारा भारत को इसी तरह की चेतावनी जारी करने के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पानी पाकिस्तान की लाल रेखा है और इस्लामाबाद किसी भी तरह के समझौते की अनुमति नहीं देगा।
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद अप्रैल में सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। नई दिल्ली ने कहा है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को प्रायोजित करना बंद नहीं कर देता, तब तक संधि स्थगित रहेगी। विश्व बैंक द्वारा मध्यस्थता की गई, 1960 की संधि सिंधु नदी के पानी और इसकी पांच सहायक नदियों सतलुज, व्यास, रावी, झेलम और चिनाब के उपयोग के लिए दो परमाणु-सशस्त्र पड़ोसी देशों के बीच जल साझाकरण और सूचना विनिमय के लिए एक तंत्र को परिभाषित करती है।
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