अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर DRI ने पकड़ा ₹3.5 करोड़ का ड्रग्स, नाइजीरियन महिला गिरफ्तार

NDPS एक्ट के तहत ड्रग्स से जुड़ी तस्करी, साजिश और प्रयास सभी अपराधों पर सख्त सजा का प्रावधान है। बार-बार अपराध करने पर सजा डेढ़ गुना तक बढ़ाई जा सकती है, और गंभीर मामलों में मृत्युदंड भी दिया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर DRI ने पकड़ा ₹3.5 करोड़ का ड्रग्स, नाइजीरियन महिला गिरफ्तार

अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर पकड़ा 3.50 करोड़ का नशा

- नाइजीरियन मूल की महिला से 1.782 किलो एम्फेटामाइन किया बरामद
- राजस्व आसूचना निदेशालय- डीआरआई की जयपुर क्षेत्रीय इकाई ने की कार्रवाई
- दिल्ली से जयपुर पहुंची महिला को डीआरआई ने पकड़ा
- पाउडर शेप में नशीली दवा को शरीर पर बांध कर ला रही थी महिला

- विमल कोठारी -

जयपुर। केंद्र सरकार के राजस्व आसूचना निदेशालय-डीआरआई की जयपुर क्षेत्रीय इकाई ने दिल्ली से पाउडर शेप में 1.782 किलो एम्फेटामाइन ला रही नाइजीरियन मूल की महिला को पकड़ कर गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी की कार्रवाई गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर हुई। पकड़े गए नशीले पाउडर को क्रिस्टल मेथ के नाम से भी पुकारा जाता है। इसका मूल्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 3.50 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। डीआरआई ने इस ड्रग्स को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट-एनडीपीएस कानून में जब्त कर नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में विदेशी महिला को गिरफ्तार कर गुरुवार को ही अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए।

विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डीआरआई अधिकारियों के पास नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी नाइजीरियन मूल की विदेशी महिला के दिल्ली से जयपुर पहुंचने की गुप्त सूचना थी। इस सूचना पर सक्रिय डीआरआई अधिकारियों ने इसे बुधवार देर रात जयपुर शहर के बाहरी क्षेत्र से पकड़ा और जांच की। जांच के दौरान पाउडर शेप में नशीला पाउडर बरामद होने के बाद इसे गिरफ्तार करने का निर्णय लिया गया और आज अदालत में पेश कर दिया। डीआरआई अधिकारी अब महिला को नशीले पाउडर की उपलब्धता कराने वाले से लेकर इसे प्राप्त करने वालों के नेटवर्क को खंगालने में जुटे हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में जल्द ही कुछ और खुलासे भी होंगे, फिलहाल डीआरआई अधिकारियों की जांच जारी है। गौरतलब है कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराध करने के लिए उकसाने, आपराधिक साजिश और यहां तक ​​कि अपराध करने का प्रयास करने पर भी उतनी ही सजा दी जाती है जितनी कि अपराध करने पर दी जाती है। अपराध करने की तैयारी करने पर सजा आधी हो जाती है, लेकिन बार-बार अपराध करने पर सजा डेढ़ गुना तक बढ़ जाती है और कुछ मामलों में मौत की सजा देने के प्रावधान भी है।