पूर्व मंत्री महेश जोशी की आय में रहस्यमयी उतार-चढ़ाव! ईडी की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, संजय बड़ाया और परिजनों की भूमिका भी संदिग्ध

ना वेतन घटा न पेंशन, फिर भी महेश जोशी की आय में उतार-चढ़ाव

पूर्व मंत्री महेश जोशी की आय में रहस्यमयी उतार-चढ़ाव! ईडी की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, संजय बड़ाया और परिजनों की भूमिका भी संदिग्ध

ना वेतन घटा न पेंशन, फिर भी महेश जोशी की आय में उतार-चढ़ाव

- जल जीवन मिशन घोटाले की जांच कर रही ईडी की चार्जशीट में खुलासा जांच जारी
- जल जीवन मिशन घोटाले की पीएमएलए कानून में ईडी की जांच जारी
- महेश जोशी ही नहीं आरोपी संजय बड़ाया की आय में भी विसंगतियां मिली
- बड़ाया ही नहीं उनकी पत्नी और पिता की आय में हैं असामान्य उतार-चढ़ाव

- विमल कोठारी 

जयपुर। जल जीवन मिशन घोटाले की धनशोधन निवारण अधिनियम-पीएमएलए कानून में जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय-ईडी की चार्जशीट में पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी की आय में भी असामान्य उतार-चढ़ाव का उल्लेख है। आय में आए इस असामान्य उतार-चढ़ाव का उल्लेख महेश जोशी की आयकर विवरणी में दर्ज है, जिसका उल्लेख चार्जशीट में किया गया है। खास बात यह भी है कि महेश जोशी के कथित करीबी और जल जीवन मिशन घोटाले से जुड़ी श्री श्याम ट्यूबवैल कम्पनी व श्री गणपति ट्यूबवैल कम्पनी को अनेतिकता से टेंडर देने में रिश्वत लेने के आरोपी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संजय बड़ाया, उनकी पत्नी नैना बड़ाया और पिता हरिनारायण बड़ाया की आयकर विवरणियां भी आय होने के बावजूद इस पर आयकर का भुगतान नहीं करने की चुगली खा रही है।

प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अदालत में पेश चार्जशीट में महेश जोशी ने अपने बयानों में अपनी आय का मुख्य स्रोत विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन, सांसद और पूर्व विधायक के रूप में मिल रही पेंशन को बताया है, जिसमें सामान्य परिस्थितियों में कमी नहीं होती, लेकिन फिर भी आयकर विभाग में पेश महेश जोशी की आय में काफी उतार-चढ़ाव आया है, जो सामान्य रूप से समझ से परे माना जा सकता है। लगभग यहीं स्थिति महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया, उनकी पत्नी नैना बड़ाया और पिता हरिनारायण बड़ाया की आयकर विवरणियों में भी है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत दे रही है कि यह सभी लोग अपनी आय पर नियमानुसार आयकर का भुगतान भी नहीं कर रहे थे। महेश जोशी ने अपने बयानों में संजय बड़ाया की भूमिका को भी रेखांकित करते हुए बताया है कि जलदाय विभाग में काम करने की प्रक्रिया तय है, जिसमें उनका दखल भी सीमित होता है। संजय बड़ाया को लेकर जोशी ने कहा है कि सामाजिक उसने जलदाय विभाग में हैंडपंप लगाने व बोरिंग जैसे कामों के लिए सिफारिश की होगी। महेश जोशी का दावा है कि बड़ाया की ओर से उनके नाम का दुरुपयोग करने की जानकारी उन्हें नहीं है और ना ही विभाग के किसी अधिकारी ने इस संबंध में उन्हें कोई शिकायत की है, बड़ाया से कोई व्यावसायिक रिश्ता व लेनदेन भी नहीं रहा है।

अदालत में पेश ईडी की चार्जशीट में जल जीवन मिशन घोटाले में लिप्तता को लेकर पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के बयानों का उल्लेख है। जहां अन्य आरोपियों के बयानों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने महेश जोशी पर 5 करोड़ 40 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप लगाए हैं, वहीं महेश जोशी का इन आरोपों से साफ इनकार है। ईडी का आरोप है कि रिश्वत की राशि श्री गणपति ट्यूबवेल कम्पनी के संचालक महेश मित्तल ने महेश जोशी को उनके करीबी संजय बड़ाया के माध्यम से नकद में दी गई। आरोप है कि कुल 5 करोड़ 40 लाख की रिश्वत का भुगतान किस्तों में हुआ। एक करोड़ रुपए का भुगतान पदम चंद जैन ने संजय बड़ाया के पिता हरी नारायण बड़ाया को चेक से दी, जिसका ब्याज सहित भुगतान लेखा पुस्तिकाओं में वापस भी हुआ, लेकिन इस राशि की वापसी नकद राशि मिलने के बाद हुई। आरोप है कि रिश्वत राशि में से 3.30 करोड़ रुपए संजय बड़ाया ने अपने पिता व माता के नाम से जमीनों की खरीद फरोख्त में किया। 

ईडी की द्वितीय चार्जशीट में लगाए गए आरोपों के अनुसार जल जीवन मिशन घोटाले में ठेकेदारों से हुए लेनदेन में महेश जोशी और संजय बड़ाया के परिजनों व परिचितों की लिप्तता तो उजागर है ही इसके अलावा इस मामले में जलदाय विभाग के विभिन्न अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जो इस बात का संकेत देते हैं कि जलदाय विभाग में पिछली सरकार के समय बिना रिश्वत के कोई ठेकेदार काम नहीं कर सकता था, इसी तरह जो अधिकारी प्रभावशाली लोगों की बात नहीं मानता था, उसे तबादले के अलावा एपीओ होने का दंश भी झेलना पड़ा था। जल जीवन मिशन घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने इस घोटाले से जुड़े लोगों की अब तक 47 करोड़ 79 लाख 62 हजार 262 रुपए मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को अंतरिम रूप से जब्त कर लिया है, फिलहाल जांच जारी है, जिसमें कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

बॉक्स : 
यह है आयकर विवरणियों में दर्ज आय

1. महेश जोशी

वित्तीय वर्ष  कुल कर योग्य आय
2020-21      22.48 लाख रुपए
2021-22      16.20 लाख रुपए
2022-23      87.67 लाख रुपए
2023-24      13.09 लाख रुपए

2. संजय बड़ाया

वित्तीय वर्ष  कुल कर योग्य आय
2019-20      6.41 लाख रुपए
2020-21      7.01 लाख रुपए
2021-22      6.12 लाख रुपए
2022-23      3.38 लाख रुपए

3. नैना बड़ाया

वित्तीय वर्ष  कुल कर योग्य आय
2019-20      3.77 लाख रुपए
2020-21      3.83 लाख रुपए
2021-22      5.55 लाख रुपए
2022-23      2.11 लाख रुपए

3. हरिनारायण बड़ाया

वित्तीय वर्ष  कुल कर योग्य आय
2019-20      6.82 लाख रुपए
2020-21      6.82 लाख रुपए
2021-22      4.75 लाख रुपए