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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को नीति आयोग की बैठक से बीच में ही वॉकआउट किया और दावा किया कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उनके भाषण के बीच में उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया था।
बैठक से बाहर आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मीडियाकर्मियों से कहा- "मुझे पाँच मिनट भी बोलने नहीं दिया गया। मेरा अपमान किया गया क्योंकि मेरेपाँच मिनट बोलने के बाद ही मेरा माइक्रोफोन बंद कर दिया। जबकि बैठक में मौजूद अन्य लोगों ने लगभग 20 मिनट तक बात की।"
उन्होंने कहा- बैठक में विपक्षी खेमे की ओर से एकमात्र प्रतिनिधि होने का दावा करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वह कुछ मुद्दों पर कुछ कहना चाहती थीं। "लेकिन मेरे ऐसा कहने से पहले ही मेरा माइक्रोफोन बंद कर दिया गया। भविष्य में मैं नीति आयोग की किसी भी बैठक में शामिल नहीं होऊँगी।"
उन्होंने कहा, "...मैं बोल रही थी, मेरा माइक बंद कर दिया गया। मैंने कहा कि आपने मुझे क्यों रोका, आप भेदभाव क्यों कर रहे हैं। मैं बैठक में शामिल हो रही हूँ, आपको खुश होना चाहिए, बजाय इसके कि आप अपनी पार्टी और सरकार को और अधिक गुंजाइश दे रहे हैं। विपक्ष से सिर्फ मैं ही वहां हूं और आप मुझे बोलने से रोक रहे हैं...यह न सिर्फ बंगाल का बल्कि सभी क्षेत्रीय दलों का अपमान है। नीति आयोग की 9वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
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