ग़ज़ल मंच सरी की ओर से प्रीत मनप्रीत के ग़ज़ल संग्रह ‘धूप छाँव का अनुपात’ का लोकार्पण

वैंकूवर (मलकीत सिंह)। ग़ज़ल मंच सरी की ओर से युवा शायर प्रीत मनप्रीत के नवप्रकाशित ग़ज़ल संग्रह ‘धूप छाँव का अनुपात’ के लोकार्पण के अवसर पर हाल ही में सरी स्थित गिलफोर्ड लाइब्रेरी में एक यादगार साहित्यिक समारोह आयोजित किया गया।

ग़ज़ल मंच सरी की ओर से प्रीत मनप्रीत के ग़ज़ल संग्रह ‘धूप छाँव का अनुपात’ का लोकार्पण

वैंकूवर (मलकीत सिंह)। ग़ज़ल मंच सरी की ओर से युवा शायर प्रीत मनप्रीत के नवप्रकाशित ग़ज़ल संग्रह ‘धूप छाँव का अनुपात’ के लोकार्पण के अवसर पर हाल ही में सरी स्थित गिलफोर्ड लाइब्रेरी में एक यादगार साहित्यिक समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर शहर की प्रमुख साहित्यिक हस्तियों, कवियों, लेखकों तथा साहित्य प्रेमियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

समारोह की अध्यक्षता ग़ज़ल मंच सरी के अध्यक्ष जसविंदर, पंजाब से विशेष रूप से पहुंचे प्रसिद्ध साहित्यकार एवं पत्रकार सुशील दुसांझ, वरिष्ठ शायर निरंजन सूखम, प्रभजोत सोही तथा पुस्तक के रचनाकार प्रीत मनप्रीत ने संयुक्त रूप से की।

कार्यक्रम का शुभारंभ ग़ज़ल मंच के सचिव दविंदर गौतम के स्वागत संबोधन से हुआ। इसके बाद डॉ. रणदीप मल्होत्रा ने प्रीत मनप्रीत की ग़ज़लों को अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को काव्यमय बना दिया।

पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त करते हुए राजवंत राज ने प्रीत मनप्रीत के अनेक शेरों का उल्लेख करते हुए उनकी शायरी की विशिष्टता, गहराई और बहुआयामी संवेदनशीलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘धूप छाँव का अनुपात’ जीवन के सुख-दुःख, हँसी-आँसू तथा आशा-निराशा जैसी विरोधी परिस्थितियों के बीच मौजूद सूक्ष्म संतुलन की प्रभावशाली काव्यात्मक अभिव्यक्ति है।

इंद्रजीत धामी ने अपने विश्लेषणात्मक शोधपत्र में पुस्तक के साथ-साथ प्रीत मनप्रीत के व्यक्तित्व का भी अत्यंत प्रभावशाली और काव्यमय शैली में परिचय कराया। वहीं कमलजीत कौर ने अपने वक्तव्य में कहा कि मनप्रीत की शायरी आज के दौर के मनुष्य के आंतरिक द्वंद्व और रिश्तों में आ रही टूटन को बेहद संवेदनशीलता और बारीकी से अभिव्यक्त करती है।

पंजाब से आए विशेष अतिथि सुशील दुसांझ ने अपने संबोधन में कहा कि प्रीत मनप्रीत एक अत्यंत सजग और संवेदनशील शायर हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कविता बहुआयामी अर्थों और संभावनाओं से भरपूर है और यही किसी सफल शायर की सबसे बड़ी पहचान होती है।

इस अवसर पर अध्यक्ष मंडल, ग़ज़ल मंच सरी के सदस्यों तथा उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने संयुक्त रूप से ‘धूप छाँव का अनुपात’ का लोकार्पण किया। पुस्तक और रचनाकार पर दविंदर गौतम, प्रभजोत सोही, सुखजीत हुंदल, हरदम मान, बलबीर कौर ढिल्लों, जरनैल सिंह सेखा, मोहन गिल, अंग्रेज बराड़, बलतेज बराड़, नरेंद्र बइया, पाल ढिल्लों, कृष्ण बैक्टर, भूपिंदर मल्ही, निरंजन सूखम तथा अंशुकर महेश ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने इस पुस्तक को समकालीन पंजाबी ग़ज़ल साहित्य की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

समूचे समारोह का संचालन दविंदर गौतम ने प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया, जिसकी उपस्थित साहित्यकारों ने सराहना की। समारोह के अंत में साहित्य प्रेमियों ने प्रीत मनप्रीत को उनकी नई पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की।