लाड़ली बहना योजना: नवरात्रि से पहले बहनों को बड़ी खुशखबरी, 5 अक्तूबर को बढ़े हुए पैसे ट्रांसफर होंगे

लाड़ली बहना योजना की 17वीं किस्त 5 अक्तूबर 2024 को 1.29 करोड़ महिलाओं के खातों में जमा की जाएगी। इस बार पात्र महिलाओं को हर महीने मिलने वाली राशि 1250 रुपये रहेगी। यह योजना गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी और अब तक लाखों महिलाओं के जीवन को सशक्त बना चुकी है।

लाड़ली बहना योजना: नवरात्रि से पहले बहनों को बड़ी खुशखबरी, 5 अक्तूबर को बढ़े हुए पैसे ट्रांसफर होंगे

लाड़ली बहना योजना की 17वीं किस्त 5 अक्तूबर 2024 को 1.29 करोड़ महिलाओं के खातों में जमा की जाएगी। इस बार पात्र महिलाओं को हर महीने मिलने वाली राशि 1250 रुपये रहेगी। यह योजना गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी और अब तक लाखों महिलाओं के जीवन को सशक्त बना चुकी है।

नवरात्रि और दशहरा के पहले खुशखबरी

इस बार त्योहारों के मद्देनजर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17वीं किस्त को निर्धारित समय से पहले ट्रांसफर करने का फैसला लिया है। आमतौर पर यह राशि 10 तारीख को जारी होती है, लेकिन इस बार इसे 5 अक्तूबर को ट्रांसफर किया जाएगा, ताकि महिलाएं नवरात्रि और दशहरा का आनंद आर्थिक चिंता के बिना उठा सकें।

योजना की शुरुआत और अब तक का सफर

लाड़ली बहना योजना मई 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई थी। शुरुआत में, महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये मिलते थे, जिसे अगस्त 2023 में रक्षाबंधन के मौके पर बढ़ाकर 1250 रुपये कर दिया गया। अब तक इस योजना के तहत 16 किश्तें जारी हो चुकी हैं और 1.29 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हुई हैं।

पात्रता और राशि

  • पात्र महिलाएं: मध्य प्रदेश की निवासी, विवाहित, और 60 वर्ष से कम उम्र की महिलाएं।
  • आर्थिक सहायता: हर महीने 1250 रुपये, सालाना 15,000 रुपये।

अपना नाम लाभार्थी सूची में कैसे जांचें?

  1. लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. "अंतिम सूची" के लिंक पर क्लिक करें।
  3. रजिस्टर मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से लॉगिन करें।
  4. अपने जिले, तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करें।
  5. सूची में अपना नाम देखें।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और समाज में उनकी स्थिति को मजबूत करना है। इसके माध्यम से, महिलाओं को न केवल वित्तीय सहायता मिल रही है, बल्कि उनके जीवन में स्थिरता और आत्मनिर्भरता भी आ रही है।