श्रम कोडों में बदलाव को लेकर Hanuman Beniwal ने बोल दी है ये बात, लोकसभा में रखी ये 6 मांगें

जयपुर। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केन्द्र सरकार की ओर से लोकसभा में पेश किए गए औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक 2026 की चर्चा में हिस्सा लेकर मजदूरों की पीड़ा को सदन में रखा।

श्रम कोडों में बदलाव को लेकर Hanuman Beniwal ने बोल दी है ये बात, लोकसभा में रखी ये 6 मांगें

जयपुर। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केन्द्र सरकार की ओर से लोकसभा में पेश किए गए औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक 2026 की चर्चा में हिस्सा लेकर मजदूरों की पीड़ा को सदन में रखा। बेनीवाल ने इस संबंध में गुरुवार को एक्स के माध्यम से बताया कि औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक 2026 की चर्चा में भाग लेते हुए देश के मजदूरों की पीड़ा को सदन में रखा।

उन्होंने कहा कि सरकार श्रम कोडों में जो बदलाव लेकर आई है, बड़ी चिंता यह है कि श्रम कोडों में किए गए बदलाव ने श्रमिकों के मौलिक अधिकारों को कमजोर कर दिया है। सरकार यह विधेयक लाकर अनुच्छेद 14,अनुच्छेद 19(1)(c),अनुच्छेद 21 की अवमानना कर रही है।

हनुमान बेनीवाल ने सरकार से कहा की राज्य के जो डायरेक्टिव प्रिंसिपल है, आर्टिकल 38 ,आर्टिकल 39 तथा आर्टकिल 43 A वो केवल सजावटी शब्द नहीं है, शासन की दिशा तय करते है, सरकार यह विधेयक पास करवा लेती है तो श्रमिकों की भागीदारी और सुरक्षा के जो राइट उन्हें संविधान ने दिए है उन्हें न केवल कमजोर कर रहे हो बल्कि आप संवैधानिक आदर्शो से भी दूर जा रहे हो इसलिए आपको मंथन करने की जरूरत है।

हनुमान बेनीवाल ने ये हैं मांगें
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सदन में छह मांगों को रखा है। उन्होंने विधेयक को संसदीय स्थायी समिति के पास भेजने, यूनियनों, उद्योग संगठनों और राज्य सरकारों के साथ व्यापक परामर्श किए जाने, हड़ताल और सामूहिक सौदेबाजी से जुड़े प्रावधानों में संतुलन लाए जाने, औद्योगिक न्यायाधिकरणों की समयबद्ध स्थापना सुनिश्चित किए जाने, श्रमिक भागीदारी (Article 43A) को वास्तविक रूप दिए जाने, नागौर में तीन डॉक्टरों की ESIC डिस्पेंसरी का प्रस्ताव लंबित पड़ा है, जल्द से जल्द स्वीकृत किए जाने और संविदा कार्मिको के भविष्य पर सरकार को गंभीरता से मंथन करने की मांग की है।

PC: livehindustan
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