Hanuman Beniwal ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता को लेकर अमित शाह और भजनलाल से किया ये सवाल

जयपुर। आरएलपी प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता को लेकर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सवाल किया है। 

Hanuman Beniwal  ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता को लेकर अमित शाह और भजनलाल से किया ये सवाल

जयपुर। आरएलपी प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता को लेकर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सवाल किया है। 

सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस संबंध में सोमवार को एक्स के माध्यम से कहा कि मेरा भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह से प्रश्न है कि क्या देश की संसद में पारित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता केवल आम आदमियों के लिए लागू है? मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी पूछना चाहता हूं कि क्या भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के तहत लगाई जाने वाली निषेधाज्ञा की पालना करना उनके लिए जरूरी नहीं है क्या जो इस निषेधाज्ञा को लगाने की सिफारिश करते है ?

हनुमान बेनीवाल ने इस संबंध आगे कहा कि 15 जुलाई से 8 अगस्त तक जिस जिला पुलिस अधीक्षक नागौर की सिफारिश पर जिला कलक्टर नागौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मुख्यालय, नागौर के सर्किट हाऊस से कलक्ट्रेट, रेलवे तिराहा से कोर्ट परिसर, कलक्ट्रेट, एसपी ऑफिस होते हुए नकाश गेट तक के सीमा क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू की है, उस निषेधाज्ञा की आज नागौर के जिला पुलिस अधीक्षक के विदाई समारोह में धज्जियां उड़ती दिखी, तो क्या उस एसपी की जिम्मेदारी सरकार तय करेगी? एक तरफ डीजे बजाने वाले लोगों पर चालान करके डीजे बंद होने की बात पुलिस करती है, भाजपा नेताओं के इशारे पर यह एसपी खुद डीज पकड़ता तो फिर एसपी की विदाई में डीजे पर प्रतिबंध कहां गया?

जिला प्रशासन की इस मामले में कोई जवाबदारी नहीं बनती है क्या?
हनुमान बेनीवाल ने आगे कहा कि अब यह हो सकता है कि आनन-फानन में निषेधाज्ञा तोडऩे के उल्लंघन की श्रेणी से बचने के लिए कोई अनुमति भी दिखाई जाए लेकिन क्या जिला प्रशासन की इस मामले में कोई जवाबदारी नहीं बनती है क्या? आज एसपी की विदाई में घोड़ी लाने वाले से लेकर ठुमके लगाने वालों में से अधिकतर कई थानों की हिस्ट्रीशीटर, तस्कर और अपराधी थे जो यह इंगित करता है कि ऐसे लोग जहां भी जाएंंगे वहां वो पहले से ही संदेश दे रहे है कि आपका पुलिस कप्तान माफियाओं और अपराधियों को पसंद करता है।  यहां तो बाड़ ही खेत खाने वाली कहावत चरितार्थ हो गई। 

PC: bhaskar
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