जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने पर प्रदेश की भजनलाल सरकार को निशाने पर लिया है। गहलोत ने आज इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात कही है।
गहलोत ने एक्स के माध्यम से विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी एवं प्रदेश की गिरती कानून-व्यवस्था पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देखिए, लगातार धमकियां आ रही हैं। पहले हाई कोर्ट को दो-तीन बार धमकियां मिलीं, लोअर कोर्ट को भी मिलीं, और अब विधानसभा को धमकी दे दी गई।
हाई कोर्ट को जो धमकी मिली थी, वह मेरे खयाल से 15–20 दिन पहले की बात है। अभी तक कोई ठोस कार्रवाई हुई क्या? अगर उस मामले में दोषियों को पकड़ लिया जाता, तो विधानसभा को धमकी देने की नौबत ही क्यों आती? यह सरकार की घोर लापरवाही है। पता नहीं सरकार किस प्रकार से शासन करना चाहती है। कानून व्यवस्था तो पूरी बर्बाद हो चुकी है।
डकैती की घटनाएं हो रही हैं, हत्याएं हो रही हैं। जैसलमेर में एक महिला का मुंह बांधकर उसे पटक दिया गया और घर से सब कुछ लूट लिया गया। जयपुर में भी आप देख रहे हैं कि छेड़खानी की घटनाएं किस तरह बढ़ रही हैं। एक गर्भवती महिला के साथ छेड़खानी की गई और लगता है कि दोषियों को पकड़ने की कोई गंभीरता नहीं है।
हमें बोलना पड़ेगा और बोलना चाहिए
हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों की हिम्मत विधानसभा को उड़ाने की धमकी देने तक पहुंच गई है। यह सरकार के इकबाल का सवाल है। क्या राजस्थान में सरकार का इकबाल बचा है? मुख्यमंत्री अनावश्यक बयान देते रहते हैं और हम लोगों पर टिप्पणी करते हैं। उन्हें जो कहना है, कहें। हम उनका सम्मान करेंगे, क्योंकि वे राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं यह हमारा कर्तव्य है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जो लापरवाही चल रही है, उस पर हम चुप रहें। हमें बोलना पड़ेगा और बोलना चाहिए। जनता हमसे अपेक्षा करती है कि हम अपनी राय रखें, सरकार की गलतियां बताएं। इसलिए हम बोल रहे हैं।
PC: news24online
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