सिलिकोसिस पॉलिसी को लेकर Ashok Gehlot ने भजनलाल सरकार से कर डाली है ये मांग

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब सिलिकोसिस पॉलिसी को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है।

सिलिकोसिस पॉलिसी को लेकर Ashok Gehlot ने भजनलाल सरकार से कर डाली है ये मांग

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब सिलिकोसिस पॉलिसी को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है। अशोक गहलोत ने रविवार को मानपुर, दौसा के गोला का बास गांव में सिलिकोसिस की बीमारी से पीड़ित लोगों से मुलाकात की।

उन्होंने उक्त के माध्यम से कहा कि मानपुर, दौसा के गोला का बास गांव में आज उन मजदूरों एवं उनके परिजनों से मिला जिन्होंने पत्थर तराशे, देश निर्माण में योगदान दिया...और बदले में मिला सिलिकोसिस। सैकड़ों विधवाएं, हज़ारों बीमार, सबकी आँखों में एक ही सवाल: "हमारा कसूर क्या था और बीजेपी सरकार से कोई मदद क्यों नहीं मिल रही?" तस्वीर में हाथ उठाए दिख रहीं सभी महिलाएं इस गांव में सिलिकोसिस के कारण विधवा हुई हैं।

गहलोत ने कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार ने सिलिकोसिस पॉलिसी बनाकर पीड़ितों को 5 लाख रुपए आर्थिक सहायता, हर माह पेंशन, निशुल्क इलाज दिया। आज बीजेपी सरकार ने अनेक कार्ड ब्लॉक कर दिए, सहायता बंद कर दी। जो मज़दूर सांस के लिए तरस रहा है, उसे सरकार से उचित सहायता मिलनी चाहिए, तिरस्कार नहीं।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार ने 2013 में 4 लाख की सहायता राशि शुरू की, 2019 में देश की पहली सिलिकोसिस पॉलिसी बनाई जिसमें 5 लाख रुपए सहायता निशुल्क इलाज ₹1500 मासिक पेंशन का प्रावधान किया गया। 2019 से 2023 के बीच में 35,000 मरीजों को ₹911 करोड़ की सीधी मदद दी गई। लेकिन आज BJP सरकार की संवेदनहीनता के कारण नए कार्ड नहीं बन रहे, पुराने कार्ड अकारण ब्लॉक हैं एवं अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी पॉलिसी का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

सैकड़ों विधवाएं, हजारों बीमार परन्तु सरकार मौन
गहलोत ने कहा कि सैकड़ों विधवाएं, हजारों बीमार परन्तु सरकार मौन है। सहायता राशि के अभाव में मजदूर दम तोड़ रहे हैं। यह अमानवीय है। मैं मांग करता हूं कि सरकार तत्काल सिलिकोसिस पीड़ितों के कार्ड बनाए, ब्लॉक कार्ड खोले और पॉलिसी का पूर्ण लाभ दे।

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