सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। केंद्र सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए 35 पदों पर भर्ती के लिए वैकेंसी सर्कुलर जारी किया है, जो कि डेपुटेशन के आधार पर भरे जाएंगे।
यह कदम वेतन, भत्ते और पेंशन में संभावित बदलाव की दिशा में पहला ठोस संकेत है।
जनवरी 2025 में केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। अब अप्रैल में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 35 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित करते हुए एक वैकेंसी सर्कुलर जारी किया है।
इन पदों को डेपुटेशन के आधार पर भरा जाएगा, यानी चयनित अधिकारी आयोग की अवधि तक वहां कार्यरत रहेंगे और बाद में अपने मूल विभाग में वापस लौट जाएंगे।
सर्कुलर के मुताबिक, नियुक्तियां DoPT के नियमों के अनुसार की जाएंगी। जो भी केंद्रीय कर्मचारी इन पदों के लिए पात्र हैं, वे निर्धारित फॉर्मेट में आवेदन कर सकते हैं और साथ में ये दस्तावेज लगाने होंगे:
पिछले 5 वर्षों की एपीएआर रिपोर्ट (APAR)
विजिलेंस क्लियरेंस रिपोर्ट
विभागीय अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC)
दिलचस्प बात यह है कि इन पदों को भरने के लिए कोई अंतिम तारीख तय नहीं की गई है। जैसे ही कोई योग्य उम्मीदवार मिलेगा, उसी समय उस पद को भर दिया जाएगा।
कर्मचारियों को सबसे ज्यादा उम्मीद इस बात की है कि वेतन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो। यह फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करता है।
7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था, जिससे न्यूनतम वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गया था। कर्मचारी संगठनों ने उस समय इसे 3.67 करने की मांग की थी, जो स्वीकार नहीं हुई।
अब 8वें वेतन आयोग के लिए 2.86 फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है। अगर सरकार इसे मंजूर करती है, तो:
न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480 हो सकता है
न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से बढ़कर ₹25,740 हो सकती है
हालांकि, अभी इस पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
8वें वेतन आयोग की तैयारियों ने सरकारी महकमे में हलचल तेज कर दी है। भर्तियों की शुरुआत के साथ यह साफ है कि अब आयोग का गठन जल्द होगा और कर्मचारी इससे जुड़े बदलावों की उम्मीद कर सकते हैं।
अगर आप एक योग्य केंद्रीय कर्मचारी हैं और इस ऐतिहासिक प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो यह आपके लिए सुनहरा अवसर हो सकता है।